
यह पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थकों और पाकिस्तान सरकार के बीच गतिरोध में एक और नाटकीय मोड़ है. कुछ लोगों को डर है कि इससे अस्थिरता कम होने के बजाय और बढ़ सकती है.
स्कूल बंद हो गए. इंटरनेट आंशिक रूप से ठप हो गया. सड़कें पर मालवाहक कंटेनरों से अटी पड़ी हैं. और पाकिस्तानी सेना शहर में आ रही है.
इमरान ख़ान की पार्टी के गढ़ ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लगा दिया गया है और उनकी पार्टी की प्रांतीय सरकार निलंबित है.
यह पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थकों और पाकिस्तान सरकार के बीच गतिरोध में एक और नाटकीय मोड़ है. कुछ लोगों को डर है कि इससे अस्थिरता कम होने के बजाय और बढ़ सकती है.
पाकिस्तान सरकार के अनुसार, संविधान के तहत उठाया गया यह क़दम ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत की आबादी को 'आतंकवाद के ख़तरे से सुरक्षा' देने के लिए ज़रूरी था.
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